Tuesday, October 26, 2010

kabeer das ji ki pangti

चलती  को  गाड़ी  कहे 
कहे दूध को खोया 
 रंगी  को नारंगी कहे 
सुन कबीरा रोया 
कबीर दास जी ने कितनी सुन्दर बात कही हें की

" जो  चलती हें उसे गाड़ी अर्थात गाड़ना कहते हें 
और जो मूल तत्व दूध हें उसको खोया याने की गम हुआ बताते हें 
जो सबसे अच्छे रंग की हें उसे ना रंगी याने बिना रंग की बताते हें 

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