चलती को गाड़ी कहे
कहे दूध को खोया
रंगी को नारंगी कहे
सुन कबीरा रोया
कबीर दास जी ने कितनी सुन्दर बात कही हें की
" जो चलती हें उसे गाड़ी अर्थात गाड़ना कहते हेंऔर जो मूल तत्व दूध हें उसको खोया याने की गम हुआ बताते हें
जो सबसे अच्छे रंग की हें उसे ना रंगी याने बिना रंग की बताते हें
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